मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदें एक बार फिर चकनाचूर हो चुकी हैं। अगर आप सोच रहे थे कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ हालिया समझौता इस इलाके में स्थिरता लाएगा तो आपको अपनी सोच बदलनी होगी। अभी कुछ ही दिन पहले दोनों देशों के बीच एक नाजुक संघर्ष विराम समझौता हुआ था। लेकिन ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बड़े मालवाहक जहाज पर आत्मघाती ड्रोन दागकर इस पूरी व्यवस्था को हिला दिया है।
इस भड़काऊ हरकत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बेहद नाराज कर दिया है। ट्रंप ने इसे सीधे तौर पर समझौते का एक बचकाना और मूर्खतापूर्ण उल्लंघन करार दिया है। सिर्फ बयानबाजी ही नहीं हुई बल्कि अमेरिकी सेना ने कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की सीमा के अंदर घुसकर उसके सैन्य ठिकानों पर बमबारी भी कर दी है।
आखिर ओमान के तट पर हुआ क्या था
यह पूरी घटना गुरुवार को शुरू हुई जब सिंगापुर के झंडे वाला एक विशाल कमर्शियल जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। वह शांति से अपने रास्ते पर था तभी ईरानी सेना की तरफ से उसे निशाना बनाकर चार वन वे अटैक ड्रोन दागे गए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM की मुस्तैदी की वजह से तीन ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया गया। लेकिन एक आत्मघाती ड्रोन जहाज के ऊपरी डेक से टकराने में कामयाब रहा।
इस टक्कर से जहाज के दायीं तरफ के नियंत्रण कक्ष को नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि ब्रिटिश सेना के मुताबिक इस हमले में किसी भी नाविक के हताहत होने की खबर नहीं है। नुकसान के बावजूद जहाज ने रुकने के बजाय अपना सफर जारी रखा और सुरक्षित क्षेत्र की तरफ बढ़ गया। लेकिन इस धमाके की गूंज वाशिंगटन तक पहुंच गई।
ट्रंप का गुस्सा और अमेरिका की सीधी जवाबी कार्रवाई
वाशिंगटन के ओवल ऑफिस में जब पत्रकारों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा कि क्या ईरान को इस हमले की कीमत चुकानी होगी तो उनका जवाब बेहद तीखा था। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि आपको बहुत जल्द इसका नतीजा पता चल जाएगा। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान ने 17 जून को हुए द्विपक्षीय समझौते की धज्जियां उड़ा दी हैं। अमेरिका इस क्षेत्र में शांत बैठने के लिए नहीं है।
बयान के तुरंत बाद अमेरिकी वायुसेना के विमानों ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को ईरान के भीतर घुसकर उसके कई मिसाइल ठिकानों, ड्रोन केंद्रों और तटीय रडार साइटों को बमबारी कर के तबाह कर दिया। CENTCOM ने साफ किया कि यह कार्रवाई बिना किसी उकसावे के किए गए ईरानी हमले का एक मजबूत और जरूरी जवाब थी।
वैश्विक व्यापार पर इस हमले का तात्कालिक असर
इस सैन्य टकराव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन यानी IMO ने तुरंत फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों को बाहर निकालने के अपने रेस्क्यू ऑपरेशन पर रोक लगा दी है। आईएमओ के महानिदेशक आर्सेनियो डोमिंगुएज ने बताया कि सुरक्षा की पुख्ता गारंटी के बिना कोई भी ऑपरेशन आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
इस समय स्थिति यह है कि करीब 500 से अधिक व्यापारिक और तेल मालवाहक जहाज इसी अशांत समुद्री रास्ते में फंसे हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग माना जाता है जहाँ से वैश्विक कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस रास्ते के बंद होने या असुरक्षित होने का सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
आगे क्या कदम उठाने की जरूरत है
वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री सुरक्षा के लिहाज से स्थिति अत्यंत नाजुक है। यदि आप अंतरराष्ट्रीय व्यापार या शिपिंग इंडस्ट्री से जुड़े हैं तो आपको तुरंत कुछ कदम उठाने चाहिए।
सबसे पहले अपनी शिपिंग कंपनियों को फारस की खाड़ी और होर्मुज के बजाय वैकल्पिक समुद्री रास्तों का उपयोग करने के निर्देश दें भले ही उनमें समय थोड़ा अधिक लगे। अपनी तेल और ईंधन आपूर्ति की समीक्षा करें और आने वाले हफ्तों में संभावित मूल्य वृद्धि से निपटने के लिए वित्तीय योजना तैयार रखें। अमेरिकी सेंट्रल कमांड और आईएमओ द्वारा जारी की जाने वाली पल-पल की सुरक्षा चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।
यह हमला साफ दिखाता है कि कागजी समझौते जमीनी हकीकत को तब तक नहीं बदल सकते जब तक दोनों पक्ष उनका ईमानदारी से पालन न करें।